हार्दिक पांड्या के ट्रेड को लेकर एक बहुत बड़ी ब्रेकिंग अपडेट सामने आ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब बाजी उस टीम के हाथ लगती दिख रही है, जो शुरुआत में प्रमुख दावेदारों में शामिल ही नहीं थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्दिक पांड्या पंजाब किंग्स में जाने वाले हैं, जबकि अर्शदीप सिंह और विष्णु विनोद मुंबई इंडियंस का हिस्सा बनने वाले हैं। यह बड़ी डील लगभग तय है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
17 नवंबर की रिटेंशन डेडलाइन नजदीक आने के बीच पंजाब ने कथित तौर पर मुंबई की मांगें मान ली हैं। राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स को मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब पंजाब इन टीमों से आगे निकलती दिख रही है।
हार्दिक पांड्या का पंजाब किंग्स जाना लगभग तय: कैसे बदली बाजी?
पंजाब के आगे निकलने की सबसे बड़ी वजह वे खिलाड़ी हैं, जिन्हें वह रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई को देने के लिए तैयार है।
दूसरी इच्छुक फ्रेंचाइजी मुंबई की मांगें पूरी नहीं कर रही थीं। पंजाब ने अर्शदीप सिंह और विष्णु विनोद को देने पर सहमति जताई है। इससे मुंबई को एक स्थापित भारतीय तेज गेंदबाज और एक भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज मिलेंगे।
यही वजह है कि देर से हुई पंजाब की एंट्री महत्वपूर्ण बन गई है। मुंबई को ऐसे खिलाड़ी मिलेंगे, जो उसकी टीम की खास जरूरतें पूरी करते हैं।
अर्शदीप पंजाब के प्रमुख भारतीय तेज गेंदबाज हैं और भारत के T20I गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा हैं। वहीं, विष्णु विकेटकीपिंग के साथ दमदार हिटिंग भी करते हैं। इस तरह मुंबई को एक खिलाड़ी में दो क्षमताएं मिलेंगी।
विष्णु विनोद से पूरी होगी मुंबई की विकेटकीपिंग की जरूरत
ट्रेड की बातचीत में एक भारतीय विकेटकीपर हासिल करना कथित तौर पर मुंबई की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ बातचीत में अंगकृष रघुवंशी को लेकर मुंबई की दिलचस्पी एक अड़चन बनी थी। KKR इस युवा खिलाड़ी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। पंजाब के विष्णु विनोद को डील में शामिल करने के लिए तैयार होने से उसका प्रस्ताव आगे बढ़ा है।
विष्णु आक्रामक T20 बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में मैच का रुख बदलने की क्षमता दिखा चुके हैं। IPL में खुद को स्थापित करने के लिए उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं, लेकिन उनकी हिटिंग और विकेटकीपिंग उन्हें उपयोगी विकल्प बनाती है।
हार्दिक के जाने के बाद मुंबई उन्हें फिनिशर की भूमिका में भी आजमा सकती है। घरेलू प्रदर्शन के आधार पर उन्हें यह जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा सकता है, हालांकि IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनकी अगली चुनौती होगी।
जसप्रीत बुमराह के साथ गेंदबाजी करने को तैयार अर्शदीप सिंह
मुंबई के लिए सबसे बड़ा आकर्षण अर्शदीप सिंह को जसप्रीत बुमराह के साथ अपने गेंदबाजी आक्रमण में शामिल करना होगा।
भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले अर्शदीप बाएं हाथ की गेंदबाजी में विविधता और मुश्किल ओवर डालने की क्षमता लेकर आएंगे। बुमराह के साथ उनकी जोड़ी मुंबई को डेथ ओवरों में दो बेहतरीन भारतीय विकल्प देगी और एक बड़ी चिंता दूर करने में मदद करेगी।
अर्शदीप का हालिया फॉर्म भी उन्हें टीम में लाने की दलील मजबूत करता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज में जब कई दूसरे भारतीय गेंदबाज संघर्ष कर रहे थे, तब वह अपने प्रदर्शन से अलग नजर आए। इससे मुश्किल परिस्थितियों में उनकी अहमियत दिखी।
बुमराह और अर्शदीप के अहम जिम्मेदारियां संभालने से मुंबई को विदेशी खिलाड़ियों के चयन में ज्यादा आजादी मिलेगी। एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज पर विदेशी स्लॉट खर्च करने की निर्भरता कम होगी और टीम किसी दूसरे विभाग को मजबूत कर सकेगी।
ट्रेंट बोल्ट के लिए क्या होंगे इसके मायने?
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मुंबई ट्रेंट बोल्ट को रिलीज करने पर विचार कर रही है। अर्शदीप के आने से उसे बाएं हाथ का एक स्थापित विकल्प मिलेगा और इस बदलाव को संभालना आसान होगा।
इस तरह अर्शदीप और विष्णु की जोड़ी कई जरूरतें पूरी करती है: भारतीय तेज गेंदबाजी की गुणवत्ता, डेथ ओवरों की गेंदबाजी, विकेटकीपिंग और एक अतिरिक्त आक्रामक बल्लेबाज।
विष्णु फिनिशिंग के लिए विकल्प देंगे, जबकि अर्शदीप बुमराह के साथ गेंदबाजी मजबूत करेंगे। यही वजह है कि पंजाब का बताया जा रहा प्रस्ताव उन दूसरे विकल्पों से आगे निकलता दिख रहा है, जिन पर मुंबई विचार कर रही थी।
डील लगभग तय, आधिकारिक घोषणा का इंतजार
अब पंजाब के इस ट्रेड को पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, समझौते को अंतिम रूप मिलने से पहले आखिरी समय में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता। चेन्नई या कोलकाता अब भी बेहतर प्रस्ताव के साथ लौट सकती हैं।
फिलहाल रिपोर्ट्स के मुताबिक डील लगभग तय है: हार्दिक पांड्या पंजाब किंग्स जाने वाले हैं और बदले में अर्शदीप सिंह तथा विष्णु विनोद मुंबई इंडियंस का हिस्सा बनने वाले हैं। आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
