हाँ दोस्तों, अभी-अभी क्रिकेट जगत को एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर मिली है। दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स और सबसे बड़े मैच विनर्स में शामिल ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है।
हालिया दिनों में उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा था और उनके बल्ले से मैच जिताने वाली पारियां पहले जितनी लगातार नहीं आ रही थीं। अब उनके संन्यास के साथ असाधारण लम्हों से भरे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। वह घरेलू T20 लीग्स खेलना जारी रखेंगे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में फैंस को अब ‘मैक्सी का मैजिक’ याद आएगा।
उनकी पीढ़ी के बहुत कम ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर्स मैच का रुख उस तरह बदल सकते थे, जिस तरह मैक्सवेल बदलते थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी ऑफ स्पिन और शानदार फील्डिंग उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल करती थी।
तो आइए देखते हैं उनकी कुछ यादगार पारियां और वे रिकॉर्ड्स, जो उनके करियर को इतना खास बनाते हैं।
ग्लेन मैक्सवेल की सबसे बेहतरीन पारी: अफगानिस्तान के खिलाफ 201*
मैक्सवेल के करियर में अगर कोई एक पारी सबसे अलग नजर आती है, तो वह 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनके नाबाद 201 रन हैं।
मुंबई में ऑस्ट्रेलिया को 292 रन का लक्ष्य मिला था। टीम का स्कोर पहले 49/4 और फिर 91/7 हो गया। उस स्थिति से जीत लगभग नामुमकिन लग रही थी।
इसके बाद क्रिकेट इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक देखने को मिली।
मैक्सवेल ने 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से अविश्वसनीय जीत दिलाई। उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के लगाए, लेकिन सिर्फ आंकड़े यह नहीं समझा सकते कि यह पारी इतनी खास क्यों थी।
वह गंभीर ऐंठन से जूझ रहे थे। पारी के आखिरी हिस्से में उनके लिए हिलना और विकेटों के बीच दौड़ना भी मुश्किल हो गया था। फिर भी वह अपनी टाइमिंग, ताकत और हाथ-आंखों के बेहतरीन तालमेल के दम पर लगातार बाउंड्री लगाते रहे।
मैक्सवेल और पैट कमिंस ने आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रन जोड़े। कमिंस ने इसमें 68 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए, लेकिन क्रीज पर टिके रहने के उनके जज्बे ने मैक्सवेल को जरूरी साथ दिया।
यह लीग चरण का मुकाबला था और इस जीत से ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की। आगे चलकर टीम ने विश्व कप की ट्रॉफी भी जीती।
जिस दबाव, शारीरिक तकलीफ और लगभग हारी हुई स्थिति से मैक्सवेल ने यह मैच जिताया, उसे देखते हुए इस पारी को वनडे इतिहास की सबसे बेहतरीन पारी कहने की मजबूत वजह है।
भारत के खिलाफ आखिरी गेंद पर दिलाई जीत
मैक्सवेल की एक और यादगार पारी नवंबर 2023 में गुवाहाटी में भारत के खिलाफ आई थी।
ऑस्ट्रेलिया 223 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरा था और मैक्सवेल ने सिर्फ 47 गेंदों में शतक जड़ दिया। वह 48 गेंदों पर 104 रन बनाकर नाबाद रहे और आखिरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई।
इस पारी ने फिर दिखाया कि मैक्सवेल के क्रीज पर रहते विपक्षी टीम क्यों निश्चिंत नहीं हो सकती थी। जरूरी रन रेट बढ़ने पर भी उनके पास मैच पलटने के लिए कई तरह के शॉट्स मौजूद थे।
मैनचेस्टर में एलेक्स कैरी के साथ शानदार वापसी
सितंबर 2020 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ 303 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 73/5 हो गया था।
मैक्सवेल ने एलेक्स कैरी के साथ मिलकर 90 गेंदों पर 108 रन की पारी खेली और मुकाबले का रुख बदल दिया। कैरी ने 106 रन बनाए और दोनों ने छठे विकेट के लिए 212 रन जोड़े।
ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट से मैच जीतकर वनडे सीरीज 2–1 से अपने नाम कर ली। यह एक और उदाहरण था कि मैक्सवेल का योगदान सिर्फ तेजी से रन बनाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने बड़ी बल्लेबाजी विफलता के बाद टीम को संभाला और मुश्किल लक्ष्य हासिल करने में मदद की।
ग्लेन मैक्सवेल के रिकॉर्ड्स जो उनकी विरासत को खास बनाते हैं
छठे नंबर पर उतरकर दोहरा शतक
अफगानिस्तान के खिलाफ 201* रन की पारी के साथ मैक्सवेल पुरुष वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले गैर-ओपनर बने।
वह छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे। इस स्थान पर आमतौर पर बल्लेबाज के पास कम गेंदें होती हैं और उसे निचले क्रम के साथ भी बल्लेबाजी करनी पड़ती है।
इस पारी के साथ उन्होंने पुरुष वनडे क्रिकेट में छठे या उससे नीचे के नंबर पर सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने कपिल देव की 1983 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई मशहूर 175* रन की पारी को पीछे छोड़ा।
इस स्थान पर उतरकर दोहरा शतक लगाना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐतिहासिक दोहरा शतक
इसी पारी के साथ मैक्सवेल पुरुष वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
उनके नाबाद 201 रन पुरुष वनडे की दूसरी पारी में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बने। उन्होंने फखर जमान के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाए गए 193 रन को पीछे छोड़ा।
पैट कमिंस के साथ रिकॉर्ड साझेदारी
दोनों की 202 रन की नाबाद साझेदारी ने पुरुष वनडे क्रिकेट में आठवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया।
यह पुरुष वनडे में सातवें या उससे नीचे के किसी भी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी भी बनी। मैच की स्थिति इसे और खास बनाती है: सातवां विकेट गिरने के समय ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 201 रन और चाहिए थे।
पुरुष वनडे विश्व कप का सबसे तेज शतक
2023 विश्व कप में दिल्ली में नीदरलैंड्स के खिलाफ मैक्सवेल ने सिर्फ 40 गेंदों में शतक पूरा किया था।
यह पुरुष वनडे विश्व कप इतिहास का सबसे तेज शतक है। यह किसी ऑस्ट्रेलियाई पुरुष बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक भी था।
पुरुष वनडे विश्व कप का सबसे तेज दोहरा शतक
अफगानिस्तान के खिलाफ मैक्सवेल ने 128 गेंदों में दोहरा शतक पूरा करके पुरुष वनडे विश्व कप का रिकॉर्ड बनाया।
हालांकि, यह पूरे पुरुष वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक नहीं था। इशान किशन बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे।
वनडे करियर का असाधारण स्ट्राइक रेट
मैक्सवेल ने अपना वनडे करियर 126.70 के स्ट्राइक रेट के साथ समाप्त किया।
उनके वनडे संन्यास के समय कम से कम 2,000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाजों में यह सबसे अधिक करियर स्ट्राइक रेट था। इतने लंबे करियर में इस रफ्तार से रन बनाना दिखाता है कि वह कितनी लगातार गेंदबाजों को दबाव में रखते थे।
T20I में पांच शतक
मैक्सवेल ने T20I में पांच शतक लगाए और रोहित शर्मा के साथ पुरुष क्रिकेट में सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड साझा किया।
T20I में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 145 रन रहा। यह बताता है कि क्रीज पर समय मिलने के बाद वह कितने खतरनाक साबित हो सकते थे।
रन, विकेट और कैच
मैक्सवेल ने T20I में 1,000 रन, 50 विकेट और 50 कैच का आंकड़ा भी पूरा किया।
यह एक ऑलराउंड उपलब्धि है, केवल उन्हीं के नाम दर्ज विश्व रिकॉर्ड नहीं। इसमें उनके योगदान के तीनों पहलू शामिल हैं: बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग।
आंकड़ों में ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर
| प्रारूप | मैच | रन | शतक | विकेट | कैच |
|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 7 | 339 | 1 | 8 | 5 |
| वनडे | 149 | 3,990 | 4 | 77 | 91 |
| T20I | 130 | 2,897 | 5 | 51 | 62 |
मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया को ऐसा खिलाड़ी दिया जो असामान्य पोजिशन से भी आक्रामक शॉट खेल सकता था, गेंदबाजी में जरूरी ओवर डाल सकता था और फील्डिंग से मौके बना सकता था। उनकी शानदार शतकीय पारियों के साथ इन योगदानों को भी याद रखा जाना चाहिए।
जिन फैंस ने उन्हें मुश्किल से खड़े हो पाने के बावजूद विश्व कप में 91/7 से टीम को लक्ष्य तक पहुंचाते देखा, उनके लिए मैक्सवेल हमेशा क्रिकेट के सबसे यादगार मैच विनर्स में शामिल रहेंगे।
इस दिग्गज को सलाम।
