विराट कोहली ने जिस खिलाड़ी को अपना बॉलिंग करियर खत्म करने का जिम्मेदार बताया था, वही अब चेन्नई सुपर किंग्स का नया असिस्टेंट कोच बन गया है। हम बात कर रहे हैं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर एल्बी मोर्कल की, जिन्होंने कभी कोहली के एक ओवर में 28 रन ठोक दिए थे। अब वह उस फ्रेंचाइजी में लौट रहे हैं, जहां उन्होंने एक खतरनाक मैच विनर के तौर पर पहचान बनाई थी।
CSK अपने कोचिंग बदलावों से लगातार चौंका रही है। मोर्कल की नियुक्ति से एक जाना-पहचाना चेहरा वापस आया है, जिसने अपनी दमदार फिनिशिंग और उपयोगी तेज गेंदबाजी से टीम को खिताब जिताने में योगदान दिया था। इस बार उनकी जिम्मेदारी ये हुनर खिलाड़ियों को सिखाने की होगी।
कोहली का वह 28 रन वाला ओवर जिसे भुलाना मुश्किल है
यह घटना 12 अप्रैल 2012 को चेपॉक में CSK और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले गए IPL मुकाबले की है।
206 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही चेन्नई को आखिरी दो ओवर में 43 रन चाहिए थे। मुकाबला RCB की पकड़ में नजर आ रहा था, जब 19वां ओवर डालने की जिम्मेदारी कोहली को मिली। इसके बाद मोर्कल ने पूरा समीकरण बदल दिया।
छह गेंदों पर बने 4, 6, 4, 6, 2, 6 — कुल 28 रन।
तीन छक्कों और दो चौकों ने आखिरी ओवर का लक्ष्य अचानक 15 रन कर दिया। मोर्कल सात गेंदों पर 28 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने उस मुकाबले में चेन्नई की वापसी करा दी, जो हाथ से निकलता दिख रहा था। CSK ने आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल करके पांच विकेट से जीत दर्ज की।
कोहली ने बाद में मजाक में कहा था कि मोर्कल ने उनका बॉलिंग करियर खत्म कर दिया। इसी यादगार ओवर की वजह से यह बात कही जाती है। अब वही विस्फोटक बल्लेबाज चेन्नई के कोचिंग ग्रुप का हिस्सा बन रहा है।
असिस्टेंट कोच बनकर CSK लौटे एल्बी मोर्कल
मोर्कल CSK की शुरुआती कामयाबी का अहम हिस्सा रहे थे। वह 2010 और 2011 में IPL खिताब जीतने वाली टीमों में शामिल थे और एमएस धोनी की कप्तानी में ऑलराउंडर की भूमिका निभाते थे।
उनकी अहमियत कभी-कभार बड़ा शॉट लगाने तक सीमित नहीं थी। वह पारी खत्म कर सकते थे, लगातार गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेज सकते थे और गेंदबाजी में जरूरी ओवर भी डालते थे। फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट के शुरुआती वर्षों में यही खूबियां उन्हें दक्षिण अफ्रीका और चेन्नई, दोनों के लिए खतरनाक मैच विनर बनाती थीं।
उनकी वापसी से CSK को ऐसा व्यक्ति मिला है, जो फिनिशर और ऑलराउंडर की भूमिका की जरूरतों को समझता है। खिलाड़ी के तौर पर बिताए वर्षों के कारण वह फ्रेंचाइजी को भी अच्छी तरह जानते हैं।
सुपर किंग्स के सेटअप में बढ़ी जिम्मेदारी
इसी साल मोर्कल को जोहान्सबर्ग सुपर किंग्स का हेड कोच नियुक्त किया गया था। यह दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में खेलने वाली CSK की सिस्टर फ्रेंचाइजी है।
चेन्नई की अतिरिक्त जिम्मेदारी दिखाती है कि सुपर किंग्स के पूरे सेटअप में उन पर भरोसा बढ़ रहा है। फ्रेंचाइजी दोनों टीमों में उनके अनुभव का इस्तेमाल कर रही है और खिलाड़ियों को निखारने व टी20 क्रिकेट के लिए तैयार करने में उन्हें अहम भूमिका दे रही है।
CSK के लिए उनकी नियुक्ति तीनों विभागों का व्यावहारिक अनुभव लेकर आती है। निचले क्रम के एक ताकतवर बल्लेबाज के तौर पर उनका अनुभव खिलाड़ियों को छक्के लगाने और मैच फिनिश करने की तैयारी में मदद कर सकता है। तेज गेंदबाजी का अनुभव उन्हें यह समझ देता है कि ऑलराउंडरों को अपनी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन कैसे बनाना चाहिए।
मोर्कल एक चतुर क्रिकेटर भी थे। कोहली के उस ओवर में उन्होंने मौका पहचानकर निर्णायक हमला करने की क्षमता दिखाई थी। यह उन बल्लेबाजों के लिए अहम हुनर है, जिनके पास मैच बदलने के लिए सिर्फ कुछ गेंदें होती हैं।
CSK का नया कोचिंग सेटअप
आने वाले सीजन के लिए सामने आए कोचिंग ग्रुप में ये नाम शामिल हैं:
| कोच | भूमिका |
|---|---|
| जहीर खान | हेड कोच |
| मोहित शर्मा | गेंदबाजी कोच |
| गैरेथ बैटी | असिस्टेंट कोच |
| एल्बी मोर्कल | असिस्टेंट कोच |
मोर्कल की वापसी से पहले बैटी की नियुक्ति हुई थी। इंग्लैंड के पूर्व ऑफ स्पिनर को बल्लेबाजी कोच बताए जाने पर सवाल उठना समझ आता है, क्योंकि खिलाड़ी के तौर पर बल्लेबाजी कभी उनकी विशेषज्ञता नहीं रही। हालांकि, आधिकारिक घोषणा में उनकी भूमिका असिस्टेंट कोच है।
मोर्कल का अनुभव सीधे तौर पर पावर हिटिंग और ऑलराउंडर की भूमिका से जुड़ा है। बल्ले, गेंद और फील्डिंग में योगदान देने की उनकी क्षमता से मिला अनुभव टीम के अलग-अलग तरह के खिलाड़ियों के काम आ सकता है।
CSK के कोचिंग बदलावों में उनकी नियुक्ति एक और चौंकाने वाला कदम है। जिस खिलाड़ी पर कभी मुश्किल परिस्थितियों से टीम को निकालने का भरोसा किया जाता था, वह अब ऐसी परिस्थितियों का सामना करने वाले खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद करेगा।
