“CSK ने अपना दिमाग खो दिया है। उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी है।”
ये तीखे शब्द भारत के पूर्व क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत के हैं। CSK के बड़े समर्थक और पहले फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे श्रीकांत का गुस्सा गैरेथ बैटी को बल्लेबाजी कोच की भूमिका से जोड़े जाने पर फूटा है।
श्रीकांत ने इस फैसले को बेहद खराब बताते हुए सवाल उठाया कि एक पूर्व ऑफ स्पिनर को बल्लेबाजी सिखाने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है। उनकी प्रतिक्रिया सीधी थी—“गैरेथ बैटी कौन हैं?”
श्रीकांत के मुताबिक, यहां विशेषज्ञता और जिम्मेदारी का मेल नहीं है। बैटी अपनी गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा सफल नहीं रहे और कभी विशेषज्ञ बल्लेबाज नहीं थे। ऐसे में उन्हें बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी देना उनकी समझ से बाहर है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर CSK को बल्लेबाजी कोच चाहिए, तो यह जिम्मेदारी एमएस धोनी को देनी चाहिए। दबाव में बल्लेबाजी करने के धोनी के अनुभव और समझ को देखते हुए श्रीकांत मानते हैं कि बल्लेबाजों को मार्गदर्शन देने के लिए फ्रेंचाइजी के पास पहले से बेहतर विकल्प मौजूद है।
गैरेथ बैटी के अंतरराष्ट्रीय आंकड़े
इंग्लैंड के लिए बैटी का रिकॉर्ड बताता है कि बल्लेबाजी विशेषज्ञ के तौर पर उनका नाम तुरंत भरोसा क्यों नहीं जगाता।
| फॉर्मेट | मैच | रन | बल्लेबाजी औसत | सर्वोच्च स्कोर | विकेट | गेंदबाजी औसत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 9 | 149 | 14.90 | 38 | 15 | 60.93 |
| वनडे | 10 | 30 | 5.00 | 17 | 5 | 73.20 |
| टी20 अंतरराष्ट्रीय | 1 | 4 | 4.00 | 4 | 0 | — |
बैटी ने 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बिना किसी अर्धशतक के सिर्फ 183 रन बनाए और 20 विकेट लिए। गेंदबाज के तौर पर भी उनके अंतरराष्ट्रीय आंकड़े साधारण रहे। बल्लेबाज के रूप में इस रिकॉर्ड में ऐसा बहुत कम है, जो उन्हें विशेषज्ञ बल्लेबाजी कोच बनाने की वजह समझाए।
ऐसे में उन्हें बल्लेबाजी कोच कहने पर एक सीधा सवाल उठता है: माइक हसी की जिम्मेदारी निभाने के लिए ऐसे व्यक्ति को क्यों चुना जाए, जिसकी मुख्य पहचान ऑफ स्पिन गेंदबाजी रही है?
गैरेथ बैटी की CSK में नियुक्ति फिर भी क्यों समझ आती है?
बल्लेबाजी कोच का नाम दिए जाने पर सवाल उठना जायज है। लेकिन बैटी की पूरी नियुक्ति को बहुत बड़ी गलती बताना उन्हें लाने की सबसे मजबूत वजह को नजरअंदाज करना है—उनका कोचिंग और टीम मैनेजमेंट का रिकॉर्ड।
सरे की आधिकारिक घोषणा में CSK में उनकी भूमिका असिस्टेंट कोच बताई गई है। यह जिम्मेदारी उनके अनुभव से कहीं बेहतर मेल खाती है।
बैटी के कार्यकाल में सरे ने 2022, 2023 और 2024 में लगातार तीन काउंटी चैंपियनशिप खिताब जीते। टीम 2025 में उपविजेता रही। उनके कार्यकाल के सभी पांच सत्रों में सरे टी20 ब्लास्ट के नॉकआउट तक भी पहुंची, जिसमें दो बार फाइनल्स डे में जगह बनाना शामिल है।
ये उपलब्धियां उन्होंने कोच के तौर पर हासिल की हैं। इंग्लैंड के लिए उनकी सीमित सफलता, टीम संभालते हुए बाद में हासिल की गई कामयाबी को खत्म नहीं करती।
उनकी नियुक्ति के पक्ष में सबसे मजबूत तर्क खिलाड़ियों को समझने, अलग-अलग स्वभाव के लोगों को संभालने और ऐसा माहौल बनाने की क्षमता है, जिसमें खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ फैसले ले सकें। सरे के क्रिकेट निदेशक एलेक स्टीवर्ट ने खास तौर पर खिलाड़ियों के प्रति बैटी की समझ और उन्हें अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में मदद करने की लगन की तारीफ की।
CSK के लिए वह इन्हीं क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं—खिलाड़ियों को व्यक्तिगत तौर पर संभालना, मुख्य कोच की मदद करना और टीम को मिलकर बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता देना।
समस्या बल्लेबाजी कोच के नाम से है
अगर बैटी को CSK के विशेषज्ञ बल्लेबाजी कोच के तौर पर पेश किया जाता है, तो उस फैसले पर सवाल उठाना पूरी तरह जायज है। उनका खेल करियर विशेषज्ञ बल्लेबाजी की योग्यता का खास आधार नहीं देता। हसी की जगह किसी पूर्व ऑफ स्पिनर को लाने पर हैरानी होना स्वाभाविक है।
लेकिन सिर्फ उनकी नियुक्ति के आधार पर यह कहना कि CSK ने अपना दिमाग खो दिया है, जरूरत से ज्यादा कठोर है। सरे के साथ उनके नतीजे फ्रेंचाइजी को उन्हें असिस्टेंट कोच बनाने की स्पष्ट क्रिकेट संबंधी वजह देते हैं।
श्रीकांत के सुझाव के मुताबिक, धोनी अपने अनुभव से बल्लेबाजी में मार्गदर्शन दे सकते हैं। हालांकि, यह अभी एक सुझाव है, जिम्मेदारियों का घोषित बंटवारा नहीं। यह मान लेना भी जल्दबाजी होगी कि बैटी सिर्फ हसी की खाली जगह भरेंगे और बल्लेबाजी का काम कोई दूसरा करेगा।
बैटी की सबसे बड़ी योग्यता एक सफल टीम को संभालना और खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन कराना है। उन्हें इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाए, तो CSK के पास ऐसा कोच होगा, जिसका रिकॉर्ड उसकी नियुक्ति का समर्थन करता है।
