वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण बाहर हो गए हैं। चयनकर्ताओं ने उनके रिप्लेसमेंट का भी ऐलान कर दिया है और CSK के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टीम इंडिया का बुलावा मिला है।
प्रसिद्ध का बाहर होना भारत के लिए चिंता की बात है, खासकर इसलिए क्योंकि जसप्रीत बुमराह पहले से ही इस वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं थे। अब प्रसिद्ध के भी बाहर होने से भारत के पेस अटैक में प्रभावी विकल्प कम नजर आ रहे हैं।
हालांकि, भारत ने उनकी जगह अंशुल कंबोज को स्क्वॉड में शामिल किया है।
अंशुल कंबोज को मिला टीम इंडिया का बुलावा
कंबोज ने हाल के दिनों में काफी प्रभावित किया है, खासकर IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए।
CSK के इस तेज गेंदबाज ने 14 मैचों में 21 विकेट लिए और IPL 2026 में चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह एक शानदार तेज गेंदबाजी विकल्प के रूप में क्यों उभर रहे हैं।
कंबोज की सबसे बड़ी खूबियों में नई गेंद से हवा में मूवमेंट हासिल करने की उनकी क्षमता है। इसके साथ ही यॉर्कर पर उनका कंट्रोल भी काफी बेहतर हुआ है।
उनकी गेंदबाजी का एक और अहम पहलू डेथ ओवर्स का अनुभव है। CSK ने पारी के आखिरी और मुश्किल ओवर्स में लगातार उन पर भरोसा किया और उन्होंने यॉर्कर के साथ-साथ लेंथ डिलीवरी पर भी अच्छा कंट्रोल दिखाया।
कंबोज की डेथ बॉलिंग टीम इंडिया के आ सकती है काम
यही वह क्षेत्र है जहां कंबोज टीम इंडिया के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
वह नई गेंद से भी प्रभाव डाल सकते हैं और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता उन्हें और उपयोगी विकल्प बनाती है। अगर वह CSK के लिए किए गए प्रदर्शन जैसा प्रभाव टीम इंडिया के लिए भी डाल पाते हैं, तो भारत के पेस अटैक को एक महत्वपूर्ण विकल्प मिल सकता है।
इस लिहाज से चोटिल प्रसिद्ध कृष्णा की जगह कंबोज का चयन एक अच्छा रिप्लेसमेंट नजर आता है।
हालांकि, तीसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में मोहम्मद सिराज के आने की संभावना ज्यादा है। सिराज पहले से ही भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा हैं और इस मुकाबले के लिए भारत को ज्यादा अनुभवी तेज गेंदबाजी विकल्प देते हैं।
कंबोज के लिए यह बुलावा उनके हालिया प्रदर्शन का इनाम है। नई गेंद से मूवमेंट, बेहतर यॉर्कर और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी की उनकी क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया में मौका दिलाया है। अब देखना होगा कि मौका मिलने पर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैसा ही प्रभाव छोड़ पाते हैं या नहीं।
