कीरोन पोलार्ड हमेशा चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक रहे हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलते हुए चेन्नई तब तक चैन की सांस नहीं ले सकती थी, जब तक पोलार्ड क्रीज पर मौजूद रहते थे। मुश्किल रन चेज हो या बल्लेबाजी का लड़खड़ाना, उनके रहते मैच खत्म नहीं माना जा सकता था। पोलार्ड कुछ ही ओवरों में तस्वीर बदल सकते थे।

उन्होंने ऐसा लीग मुकाबलों, प्लेऑफ और यहां तक कि फाइनल में भी किया। चेन्नई के खिलाफ मुंबई की कई यादगार जीतों में उनका बड़ा योगदान रहा।

पोलार्ड की वे पारियां जिन्होंने CSK को दिया दर्द

2013 का IPL फाइनल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था। पोलार्ड जब बल्लेबाजी करने आए, तब मुंबई का स्कोर 52/4 था। चेन्नई के पास उन्हें छोटे स्कोर पर रोकने का मौका था, लेकिन पोलार्ड ने 32 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाकर मुंबई को 148/9 तक पहुंचा दिया। उन्होंने एक विकेट भी लिया और मुंबई ने अपना पहला IPL खिताब जीता।

दो साल बाद उन्होंने प्लेऑफ में चेन्नई को दो बार चोट पहुंचाई। पहले क्वालिफायर में उनकी 17 गेंदों पर 41 रन की पारी ने मुंबई को फाइनल में पहुंचाने में मदद की। फिर 2015 के फाइनल में भी सामने CSK थी। पोलार्ड ने 18 गेंदों पर 36 रन बनाए और मुंबई ने 202/5 का स्कोर खड़ा करके एक और खिताब अपने नाम किया।

इसके बाद 2021 में दिल्ली का वह असाधारण रन चेज आया। चेन्नई ने 218/4 बनाए थे। इतने बड़े स्कोर के बाद उसके गेंदबाजों के पास मजबूत स्थिति होनी चाहिए थी। लेकिन पोलार्ड ने 34 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाकर मुंबई को आखिरी गेंद पर चार विकेट से जीत दिला दी। इससे पहले उन्होंने चेन्नई की पारी में 2/12 के आंकड़े भी दर्ज किए थे।

CSK के लिए यही परेशानी थी। जब भी लगता कि मैच मुंबई के हाथ से निकल रहा है, पोलार्ड उसे वापस मुकाबले में ला सकते थे।

यह भी पढ़ें →IPL 2027 खेलने को तैयार एमएस धोनी? थाला ने अपने फैसले पर दिया इशारों में संकेतएमएस धोनी IPL 2027 अपडेट से CSK फैंस की उम्मीद बढ़ी है। थाला ने एक और सीजन खेलने को लेकर अपने फैसले पर इशारों में बड़ा संकेत दिया…

आखिरकार सुपर किंग्स बने—फिर वापस ले लिया नाम

ऐसे में जब SA20 में चेन्नई की सहयोगी फ्रेंचाइजी जोबर्ग सुपर किंग्स ने पोलार्ड को खरीदा, तो यह एक अनोखा नजारा था। सुपर किंग्स को बार-बार हराने वाला खिलाड़ी आखिरकार उन्हीं के साथ जुड़ रहा था।

JSK ने नीलामी में उन पर 15 लाख दक्षिण अफ्रीकी रैंड खर्च किए। सुपर किंग्स के प्रशंसकों के पास अब उनकी फिनिशिंग से डरने के बजाय उसका इंतजार करने की वजह थी। इस बार उनका अनुभव और बड़े शॉट लगाने की क्षमता अपनी टीम को जिताने के काम आने वाली थी।

लेकिन पोलार्ड ने नाम वापस ले लिया—और JSK की योजनाओं में एक बड़ी कमी छोड़ दी।

सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने क्रिकबज से पुष्टि की कि पोलार्ड ने फ्रेंचाइजी को अपनी अनुपलब्धता की जानकारी दे दी है। जिस खिलाड़ी को फिनिशिंग मजबूत करने के लिए खरीदा गया था, अब उसी का विकल्प तलाशना होगा।

कीरोन पोलार्ड के हटने से कैसे बिगड़ी JSK की रणनीति?

इसका असर सिर्फ एक खिलाड़ी के बाहर होने तक सीमित नहीं है। जब कोई फ्रेंचाइजी पोलार्ड जैसे खिलाड़ी को खरीदती है, तो उसकी भूमिका को ध्यान में रखकर नीलामी की बाकी रणनीति तैयार करती है।

एक अनुभवी फिनिशर मिल जाने के बाद मैनेजमेंट अपना बचा हुआ बजट दूसरे विभागों पर लगा सकता है। उसी तरह की भूमिका निभाने वाले दूसरे खिलाड़ी फिर उसकी प्राथमिकता नहीं रह जाते।

JSK को झटका यहीं लगा है। उन्होंने नीलामी के बजट का एक हिस्सा पोलार्ड के लिए तय किया और उन्हें टीम में मानकर योजनाएं बनाईं। अगर उनकी अनुपलब्धता पहले स्पष्ट होती, तो फ्रेंचाइजी किसी दूसरे फिनिशर को खरीदने की कोशिश कर सकती थी या उस रकम का इस्तेमाल अलग तरह से टीम मजबूत करने में करती।

अब नीलामी खत्म हो चुकी है और विकल्प ढूंढ़ना अलग चुनौती है। उपलब्ध खिलाड़ियों में आखिरी ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी, अनुभव और दबाव संभालने की क्षमता का वही मेल मिलना आसान नहीं होगा।

इसका मतलब यह नहीं कि पोलार्ड ने जानबूझकर उनकी योजनाएं बिगाड़ी हैं। लेकिन अनजाने में लिया गया यह फैसला भी उस फ्रेंचाइजी पर बड़ा असर डाल सकता है, जिसने उनके उपलब्ध रहने पर भरोसा किया था।

पहले पोलार्ड मुंबई के लिए रन बनाकर चेन्नई को चोट पहुंचाते थे। इस बार जोबर्ग सुपर किंग्स को उस खिलाड़ी के हटने से पैदा हुई कमी भरनी है, जिसे उन्होंने अपनी फिनिशिंग की समस्या दूर करने के लिए खरीदा था।

यह भी पढ़ें →भारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरे T20I से बाहर हुए 3 बड़े खिलाड़ीभारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरे T20I में तीन बड़े खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। दो रोमांचक मुकाबलों के बाद इनकी गैरमौजूदगी दोनों टीमों के लिए बड़ा झटका है।