विराट कोहली क्रिकेट जगत का एक ऐसा नाम हैं, जो मानो रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बने हैं। हर उपलब्धि उनके सामने छोटी लगती है और न्यूजीलैंड के खिलाफ वह एक बार फिर बल्ले से दिखा रहे थे कि वह क्या कर सकते हैं।
ऑकलैंड में पहले वनडे के दौरान बारिश से भारतीय पारी रुकने से पहले कोहली को देखकर लग रहा था कि वह किसी दूसरी पिच पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। जहाँ बाकी बल्लेबाज लय हासिल करने के लिए जूझ रहे थे, वहीं उनका स्ट्राइक रेट 100 से ऊपर था। उनकी तकनीक और परिस्थितियों के हिसाब से खेलने की क्षमता ने दिखाया कि वह इतने खास बल्लेबाज क्यों हैं।
इसी पारी के दौरान उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की: कोहली वनडे क्रिकेट में नंबर 3 पर 13,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए।
विराट कोहली का विश्व रिकॉर्ड: नंबर 3 की बल्लेबाजी को नई ऊँचाई
पूरे करियर में 13,000 वनडे रन बनाना असाधारण उपलब्धि है। कोहली ने अब सिर्फ एक बल्लेबाजी क्रम पर खेलते हुए यह आँकड़ा छू लिया है।
रिकी पोंटिंग वनडे में नंबर 3 पर 12,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज थे। उन्होंने इस स्थान पर 12,662 रन के साथ अपना करियर समाप्त किया। कोहली इस आँकड़े को पहले ही पीछे छोड़ चुके थे। अब 13,000 रन पूरे करके उन्होंने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जहाँ नंबर 3 पर खेलने वाला कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं पहुँच पाया।
यह अंतर समझना जरूरी है। इस पारी में कोहली ने पोंटिंग को पहली बार पीछे नहीं छोड़ा, बल्कि अपनी बढ़त को उस मुकाम तक पहुँचाया जहाँ पहले कोई नहीं पहुँचा था।
| बल्लेबाज | वनडे में नंबर 3 पर रन |
|---|---|
| विराट कोहली | 13,000+ |
| रिकी पोंटिंग | 12,662 |
| कुमार संगकारा | 9,747 |
| जैक्स कैलिस | 7,774 |
इस सूची में पोंटिंग अब भी कोहली के सबसे करीब हैं, लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय करियर काफी पहले समाप्त हो चुका है। संगकारा और कैलिस भी इस उपलब्धि से काफी पीछे रहकर अपना करियर समाप्त कर चुके हैं।
हमें क्यों विश्वास है कि यह रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा
हमारा दृढ़ आकलन है कि वनडे में नंबर 3 पर कोहली का रनों का रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा। इस विश्वास की वजह इसे चुनौती देने के लिए जरूरी चीजों का एक साथ मिलना है—असाधारण निरंतरता, लंबा करियर, बल्लेबाजी क्रम में तय जगह और पर्याप्त वनडे मौके।
किसी भी दावेदार को नंबर 3 की जगह बरकरार रखते हुए वर्षों तक लगातार बड़े रन बनाने होंगे। बदलती परिस्थितियों और करियर के अलग-अलग पड़ावों पर फिटनेस, चयन और फॉर्म—तीनों का साथ बने रहना जरूरी होगा।
संभावित दावेदारों के सामने अंतर बहुत बड़ा है। बाबर आजम नंबर 3 पर लगभग 6,000 रन के आसपास हैं। इसका मतलब है कि 13,000 तक पहुँचने के लिए उन्हें लगभग एक और करियर जितने रन बनाने होंगे। उनके हालिया संघर्ष को देखते हुए इस स्थान पर 10,000 रन तक पहुँचना भी कठिन चुनौती नजर आता है।
केन विलियमसन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए वह अब सक्रिय दावेदार नहीं हैं। इससे नंबर 3 का एक और स्थापित बल्लेबाज इस दौड़ से बाहर हो चुका है।
विश्व क्रिकेट का ध्यान लगातार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य में वनडे मैचों की संख्या में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आने वाले बल्लेबाजों को कोहली के रिकॉर्ड को चुनौती देने के कम मौके मिलेंगे।
इस पारी ने दिखाया आँकड़ों के पीछे की काबिलियत
बारिश से पहले कोहली की बल्लेबाजी ने दिखाया कि उन्होंने यह रिकॉर्ड कैसे बनाया है। जिस पिच पर रन बनाना आसान नहीं था, वहाँ उन्होंने हर गेंद पर एक रन से भी तेज गति से स्कोर करने का रास्ता निकाला।
नंबर 3 पर परिस्थितियों के हिसाब से ढलने की यह क्षमता बहुत जरूरी है। जल्दी विकेट गिरने पर बल्लेबाज को नई गेंद का सामना करना पड़ सकता है, जबकि अच्छी सलामी साझेदारी के बाद उसे रन बनाने की रफ्तार बनाए रखनी होती है। इस भूमिका में नियंत्रण और गति बढ़ाने की क्षमता, दोनों चाहिए।
कोहली ने अपने करियर में इन जिम्मेदारियों को निभाया है। उनकी तकनीक मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें मजबूत आधार देती है, जबकि रन बनाने के अलग-अलग तरीके गेंदबाजों को उन्हें लंबे समय तक शांत रखने नहीं देते।
और यह लक्ष्य अभी बढ़ रहा है। कोहली अब भी खेल रहे हैं, इसलिए नंबर 3 पर उनके बल्ले से निकलने वाला हर अतिरिक्त रन भविष्य के किसी भी दावेदार की चुनौती को और बड़ा करेगा।
