प्रेमा रावत, जो भारतीय क्रिकेट में आमतौर पर अपनी गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं, ने अब ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिस पर हर भारतीय और RCB प्रशंसक गर्व कर सकता है। उनकी इस शानदार पारी ने उनके खेल का एक अलग पहलू भी दिखाया है—बल्ले से गेंदबाजों पर हावी होने की क्षमता।
उत्तराखंड की तरफ से हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए रावत ने 14 गेंदों में अर्धशतक लगाकर महिला T20 क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना के 15 गेंदों के आंकड़े को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसी साल जिम्बाब्वे के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। महिला T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अब भी सना के नाम है, जबकि रावत की यह पारी घरेलू T20 क्रिकेट में आई है।
प्रेमा रावत की सबसे तेज फिफ्टी ने दिखाई बल्लेबाजी क्षमता
रावत 14 गेंदों पर 50 रन बनाकर नाबाद रहीं। उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए। उनके 48 रन सिर्फ बाउंड्री से आए। यह ऐसी विस्फोटक पारी थी, जिसकी रफ्तार को महिला क्रिकेट की बड़ी-बड़ी बल्लेबाज भी पीछे नहीं छोड़ पाई हैं।
भारतीय टीम के लिए खेलते हुए प्रशंसकों ने रावत को ज्यादातर गेंदबाजी से योगदान देते देखा है। लेग स्पिन उनकी मुख्य ताकत रही है, लेकिन इस प्रदर्शन ने दिखाया कि वह बल्ले से भी काफी कुछ कर सकती हैं।
यह सिर्फ भारतीय उपलब्धि नहीं, बल्कि विश्व रिकॉर्ड है। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह इसलिए भी खास है कि मुख्य रूप से गेंदबाजी के लिए पहचानी जाने वाली खिलाड़ी ने बल्लेबाजी में नया मानक तय किया है।
भारत को मिल सकती है एक विस्फोटक फिनिशर
रावत की यह पारी भारतीय टीम के लिए एक रोमांचक संभावना दिखाती है—ऐसी फिनिशर, जो अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगा सके।
सिर्फ 14 गेंदों में अर्धशतक लगाना बताता है कि वह कितनी तेजी से पारी का रुख बदल सकती हैं। अगर वह इस तरह की बल्लेबाजी लगातार कर पाती हैं, तो भारत को ऐसी खिलाड़ी मिल सकती है जो लेग स्पिन के साथ योगदान दे और बल्ले से रन गति भी बढ़ाए।
इस प्रदर्शन से बल्लेबाजी में उनका आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है। यही भरोसा उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी लेने और आने वाले वर्षों में बड़ी ऑलराउंडर बनने में मदद कर सकता है।
RCB के लिए भी उत्साहित होने की वजह
RCB के लिए यह पारी रावत की एक और संभावित भूमिका की झलक है। गेंदबाजी के साथ उनकी बाउंड्री लगाने की क्षमता उन्हें पारी के अंतिम हिस्से में एक उपयोगी हिटिंग विकल्प बना सकती है।
उनका रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन उत्साहजनक संकेत है कि वह भारतीय क्रिकेट की अगली बड़ी प्रतिभाओं में शामिल हो सकती हैं। इस आत्मविश्वास को WPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बरकरार रखकर वह अपनी क्षमता को बेहतर ऑलराउंड प्रदर्शन में बदल सकती हैं।
