ICC Men's Cricket World Cup 2027 का फॉर्मेट इस बार नया होगा और इसमें एक चीज शुरुआत में थोड़ी उलझन पैदा कर सकती है—Super 7 की सीडिंग।
वर्ल्ड कप के शेड्यूल में आपको A1, A2, A3, B1, B2, B3 और AB4 जैसे नाम दिखाई देंगे। पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि A1 का मतलब Group A में पहले स्थान पर रहने वाली टीम, A2 का मतलब दूसरे स्थान की टीम और A3 का मतलब तीसरे स्थान की टीम है।
लेकिन ऐसा नहीं है।
ICC ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही सात टीमों को ये पोजीशन दे दी हैं। उदाहरण के लिए, A1 का मतलब भारत है, बशर्ते भारतीय टीम Super 7 के लिए क्वालीफाई करे। इसके लिए भारत का Group A में पहले स्थान पर रहना जरूरी नहीं है।
आइए इस पूरे सिस्टम को बेहद आसान भाषा में समझते हैं।
World Cup 2027 Super 7 के लिए टीमें कैसे क्वालीफाई करेंगी?
मुख्य Group Stage में 12 टीमों को छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है।
Group A: भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और Qualifier A
Group B: न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश और Qualifier B
हर टीम अपने ग्रुप की बाकी पांच टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी।
इसके बाद Group A की टॉप-3 और Group B की टॉप-3 टीमें Super 7 के लिए क्वालीफाई करेंगी।
इस तरह छह टीमें मिल जाएंगी।
अब एक स्थान बाकी रहेगा।
दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों की तुलना की जाएगी और उनमें से बेहतर टीम भी Super 7 के लिए क्वालीफाई करेगी।
इस तरह Super 7 की सात टीमें तय होंगी।
A1, A2, A3, B1, B2, B3 और AB4 का क्या मतलब है?
इस पूरे फॉर्मेट को समझने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
ICC ने सात प्रमुख टीमों को पहले से Super 7 के लिए ये इंडिकेटर दिए हैं:
| इंडिकेटर | पहले से तय टीम |
|---|---|
| A1 | भारत |
| A2 | ऑस्ट्रेलिया |
| A3 | पाकिस्तान |
| AB4 | इंग्लैंड |
| B1 | न्यूजीलैंड |
| B2 | दक्षिण अफ्रीका |
| B3 | श्रीलंका |
ये पहले से तय की गई सीडिंग हैं। इनका Group Stage की फाइनल पॉइंट्स टेबल में टीम की पोजीशन से सीधा संबंध नहीं है।
उदाहरण के लिए मान लीजिए Group A की फाइनल टेबल कुछ ऐसी रहती है:
- ऑस्ट्रेलिया
- पाकिस्तान
- भारत
तीनों टीमें Super 7 में पहुंच जाएंगी।
लेकिन तीसरे स्थान पर रहने के कारण भारत A3 नहीं बनेगा।
भारत फिर भी A1, ऑस्ट्रेलिया A2 और पाकिस्तान A3 ही रहेगा।
ऐसा इसलिए क्योंकि ये Super 7 पोजीशन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही तय कर दी गई हैं।
उदाहरण: अगर बांग्लादेश श्रीलंका से आगे क्वालीफाई करे तो क्या होगा?
अब इस नियम का सबसे दिलचस्प हिस्सा समझिए।
अगर पहले से सीड की गई कोई टीम Super 7 के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर पाती है तो क्या होगा?
मान लीजिए बांग्लादेश Group Stage में शानदार प्रदर्शन करता है और Super 7 के लिए क्वालीफाई कर जाता है, जबकि श्रीलंका क्वालीफाई नहीं कर पाता।
श्रीलंका को पहले से B3 सीड दी गई है।
ऐसी स्थिति में बांग्लादेश Super 7 शेड्यूल में श्रीलंका की B3 पोजीशन ले लेगा।
उदाहरण के लिए पहला निर्धारित Super 7 मुकाबला है:
A2 vs B3 — 25 अक्टूबर, जोहान्सबर्ग
सामान्य स्थिति में इसका मतलब होगा:
ऑस्ट्रेलिया vs श्रीलंका
लेकिन अगर श्रीलंका बाहर हो जाता है और उसकी जगह बांग्लादेश क्वालीफाई करता है तो यही मैच बन जाएगा:
ऑस्ट्रेलिया vs बांग्लादेश
इसके बाद बांग्लादेश B3 के पूरे शेड्यूल पर खेलेगा, जो मूल रूप से श्रीलंका के लिए निर्धारित था।
बहुत आसान शब्दों में:
श्रीलंका बाहर → बांग्लादेश अंदर → बांग्लादेश B3
अगर अफगानिस्तान पाकिस्तान से आगे क्वालीफाई करे तो?
अब एक और काल्पनिक उदाहरण लेते हैं।
Group A में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और Qualifier A हैं।
पाकिस्तान को पहले से A3 सीड मिली हुई है।
मान लीजिए भारत, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान क्वालीफाई कर जाते हैं, लेकिन पाकिस्तान Super 7 में जगह नहीं बना पाता।
अगर अफगानिस्तान वह टीम है जो क्वालीफिकेशन में पाकिस्तान की जगह लेती है, तो अफगानिस्तान पाकिस्तान की A3 पोजीशन हासिल कर लेगा।
इसके बाद Super 7 के शेड्यूल में जहां भी A3 लिखा होगा, वहां अफगानिस्तान को माना जाएगा।
उदाहरण के लिए:
7 नवंबर: A1 vs A3
सामान्य स्थिति में:
भारत vs पाकिस्तान
लेकिन इस उदाहरण में यह मुकाबला हो जाएगा:
भारत vs अफगानिस्तान
इसी तरह:
13 नवंबर: A2 vs A3
सामान्य स्थिति में:
ऑस्ट्रेलिया vs पाकिस्तान
लेकिन इस उदाहरण में:
ऑस्ट्रेलिया vs अफगानिस्तान
यानी इसे याद रखने का सबसे आसान तरीका है:
पाकिस्तान बाहर → अफगानिस्तान उसकी जगह क्वालीफाई करता है → अफगानिस्तान A3
अगर पाकिस्तान की जगह जिम्बाब्वे क्वालीफाई करे तो?
यही नियम जिम्बाब्वे पर भी लागू होगा।
मान लीजिए जिम्बाब्वे Group A से क्वालीफाई करता है और पाकिस्तान बाहर हो जाता है। अगर जिम्बाब्वे पाकिस्तान की क्वालीफाइंग पोजीशन लेता है, तो वह पाकिस्तान की A3 सीड भी ले लेगा।
यानी:
पाकिस्तान बाहर → जिम्बाब्वे उसकी जगह → जिम्बाब्वे A3
इसके बाद A3 का पूरा Super 7 शेड्यूल जिम्बाब्वे का हो जाएगा।
इस स्थिति में निर्धारित A1 vs A3 मुकाबला भारत vs जिम्बाब्वे बन जाएगा, बशर्ते भारत भी क्वालीफाई करे।
यानी टीमों के नाम बदल सकते हैं, लेकिन A1/A2/A3/B1/B2/B3/AB4 का फिक्स्चर स्ट्रक्चर पहले से तय रहेगा।
ICC ने ऐसा सिस्टम क्यों बनाया है?
इसके पीछे एक व्यावहारिक कारण है।
अगर ICC पूरे Group Stage के खत्म होने का इंतजार करता और उसके बाद Super 7 के सभी मुकाबले तय करता, तो फैंस को पहले से यह पता नहीं होता कि उनकी टीम आगे किस शहर या मैदान पर खेल सकती है।
Pre-seeding के कारण फैंस, ब्रॉडकास्टर्स और टीमों को टूर्नामेंट का संभावित रास्ता पहले से काफी हद तक पता रहता है।
उदाहरण के लिए, भारतीय फैंस जानते हैं कि अगर भारत क्वालीफाई करता है और अपनी निर्धारित सीड बरकरार रखता है, तो टीम A1 के शेड्यूल के अनुसार खेलेगी।
इसी तरह ऑस्ट्रेलिया A2, पाकिस्तान A3, न्यूजीलैंड B1, दक्षिण अफ्रीका B2, श्रीलंका B3 और इंग्लैंड AB4 के निर्धारित रास्ते पर चलेंगे—बशर्ते वे क्वालीफाई करें और अपनी संबंधित सीड बरकरार रखें।
अगर कोई गैर-सीडेड टीम किसी pre-seeded टीम को क्वालीफिकेशन में बाहर कर देती है, तो क्वालीफाई करने वाली टीम उसकी सीड और Super 7 का रास्ता हासिल कर लेगी।
Super 7 में सभी टीमें जीरो से शुरू करेंगी
यहां एक और बेहद महत्वपूर्ण नियम है।
Group Stage के पॉइंट्स Super 7 में आगे नहीं ले जाए जाएंगे।
यानी अगर कोई टीम Group Stage के अपने सभी पांच मुकाबले जीत भी जाती है, तब भी उसे वे पॉइंट्स Super 7 में नहीं मिलेंगे।
Super 7 में सभी सात टीमों को एक नई शुरुआत मिलेगी।
हर टीम बाकी छह टीमों के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेगी। इस तरह Super 7 में कुल 21 मुकाबले होंगे।
सभी 21 मैच खत्म होने के बाद Super 7 की पॉइंट्स टेबल में टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।
World Cup 2027 Super 7 का पूरा शेड्यूल और सीड इंडिकेटर
शेड्यूल देखते समय इस Key को याद रखें:
A1 = भारत A2 = ऑस्ट्रेलिया A3 = पाकिस्तान AB4 = इंग्लैंड B1 = न्यूजीलैंड B2 = दक्षिण अफ्रीका B3 = श्रीलंका
ये टीमों के नाम ICC द्वारा पहले से तय सीडिंग को दिखाते हैं। अगर कोई pre-seeded टीम क्वालीफाई नहीं करती और उसकी जगह कोई दूसरी टीम आती है, तो वह टीम संबंधित सीड और उसके मुकाबलों को ले लेगी।
| तारीख | Super 7 फिक्स्चर | Pre-Seeded मुकाबला | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 25 अक्टूबर | A2 vs B3 | ऑस्ट्रेलिया vs श्रीलंका | जोहान्सबर्ग |
| 26 अक्टूबर | B1 vs A3 | न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान | गक़ेबरहा |
| 27 अक्टूबर | B2 vs AB4 | दक्षिण अफ्रीका vs इंग्लैंड | त्श्वाने |
| 28 अक्टूबर | A1 vs A2 | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | विक्टोरिया फॉल्स |
| 29 अक्टूबर | B1 vs B3 | न्यूजीलैंड vs श्रीलंका | कुगोम्पो सिटी |
| 30 अक्टूबर | A3 vs AB4 | पाकिस्तान vs इंग्लैंड | विक्टोरिया फॉल्स |
| 31 अक्टूबर | B2 vs A1 | दक्षिण अफ्रीका vs भारत | जोहान्सबर्ग |
| 1 नवंबर | A2 vs B1 | ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड | विक्टोरिया फॉल्स |
| 2 नवंबर | B3 vs AB4 | श्रीलंका vs इंग्लैंड | केप टाउन |
| 3 नवंबर | B2 vs A3 | दक्षिण अफ्रीका vs पाकिस्तान | डरबन |
| 4 नवंबर | A1 vs B1 | भारत vs न्यूजीलैंड | पार्ल |
| 5 नवंबर | A2 vs AB4 | ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड | डरबन |
| 6 नवंबर | B2 vs B3 | दक्षिण अफ्रीका vs श्रीलंका | ब्लोमफोंटेन |
| 7 नवंबर | A1 vs A3 | भारत vs पाकिस्तान | केप टाउन |
| 8 नवंबर | B1 vs AB4 | न्यूजीलैंड vs इंग्लैंड | डरबन |
| 9 नवंबर | B2 vs A2 | दक्षिण अफ्रीका vs ऑस्ट्रेलिया | गक़ेबरहा |
| 10 नवंबर | A3 vs B3 | पाकिस्तान vs श्रीलंका | ब्लोमफोंटेन |
| 11 नवंबर | A1 vs AB4 | भारत vs इंग्लैंड | गक़ेबरहा |
| 12 नवंबर | B2 vs B1 | दक्षिण अफ्रीका vs न्यूजीलैंड | केप टाउन |
| 13 नवंबर | A2 vs A3 | ऑस्ट्रेलिया vs पाकिस्तान | ब्लोमफोंटेन |
| 14 नवंबर | A1 vs B3 | भारत vs श्रीलंका | डरबन |
World Cup 2027 की सीडिंग समझने का सबसे आसान फॉर्मूला
पूरे सिस्टम को सिर्फ एक नियम से याद रखा जा सकता है:
अगर pre-seeded टीम क्वालीफाई करती है तो उसकी सीड उसी के पास रहेगी। अगर कोई गैर-सीडेड टीम क्वालीफिकेशन में उसकी जगह लेती है, तो वह टीम उसकी सीड और Super 7 का पूरा शेड्यूल हासिल कर लेगी।
उदाहरण:
श्रीलंका क्वालीफाई → श्रीलंका B3 रहेगा। श्रीलंका की जगह बांग्लादेश क्वालीफाई → बांग्लादेश B3 लेगा।
इसी तरह:
पाकिस्तान क्वालीफाई → पाकिस्तान A3 रहेगा। पाकिस्तान की जगह अफगानिस्तान या जिम्बाब्वे क्वालीफाई → उसकी जगह आने वाली टीम A3 लेगी।
इसलिए फैंस को A1, A2 या B1 को सामान्य Group Stage पोजीशन नहीं समझना चाहिए। ये मुख्य रूप से ICC द्वारा पहले से तय किए गए शेड्यूल इंडिकेटर हैं।
एक बार यह अंतर समझ में आ जाए तो World Cup 2027 का Super 7 शेड्यूल काफी आसान हो जाता है।
