अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए विराट कोहली का सामना करना हमेशा एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होता है। दुनिया भर की टीमें भली-भांति जानती हैं कि अगर कोहली एक बार क्रीज पर जम गए, तो वह अकेले दम पर मैच का रुख तय कर देते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तो यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। भारतीय बल्लेबाजी के इस दिग्गज ने अपने पूरे करियर में कैरेबियाई गेंदबाजों को जमकर परेशान किया है और उनके आंकड़े हर किसी को हैरान करने वाले हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट कोहली का रिकॉर्ड
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला रहा है। कैरेबियाई टीम के खिलाफ खेली गई 41 वनडे पारियों में इस स्टार बल्लेबाज ने 66.50 की लाजवाब औसत से 2,261 रन बनाए हैं। इसमें 9 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं, जो यह साफ दिखाते हैं कि वह उनकी गेंदबाजी पर कितनी मजबूती से हावी रहे हैं। ये आंकड़े किसी भी विरोधी कप्तान को दबाव में डालने के लिए पर्याप्त हैं।
हालांकि, तिरुवनंतपुरम में होने वाले मुकाबले से पहले एक और ऐसा खास आंकड़ा है, जो वेस्टइंडीज की टीम की चिंता को कई गुना बढ़ा सकता है। कैरेबियाई टीम के खिलाफ अपने सामान्य दबदबे के अलावा, इस मैदान पर कोहली का प्रदर्शन लगभग अजेय रहा है।
तिरुवनंतपुरम में अब तक कोई नहीं ले सका विकेट
तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वनडे क्रिकेट के दौरान विरोधी गेंदबाज अब तक कोहली को आउट करने का तरीका नहीं खोज पाए हैं। इस मैदान पर खेले गए 2 वनडे मैचों में वह दोनों ही बार नाबाद पवेलियन लौटे हैं। उन्होंने यहां बिना आउट हुए कुल 199 रन बनाए हैं।
इस स्टेडियम में उन्होंने अपना पहला मुकाबला साल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही खेला था, जहां उन्होंने नाबाद 33 रन बनाकर टीम इंडिया को आसान जीत दिलाई थी। इसके बाद जनवरी 2023 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 166 रनों की यादगार पारी खेलकर विरोधी गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। ऐसे में विरोधी गेंदबाजों के लिए एक ऐसे बल्लेबाज को आउट करने की योजना बनाना बेहद कठिन काम है, जो इस मैदान पर कभी आउट ही नहीं हुआ।
वनडे में टी20 के अंदाज में बल्लेबाजी
कोहली द्वारा बनाए गए रन तो प्रभावित करते ही हैं, लेकिन जिस आक्रामक अंदाज में उन्होंने तिरुवनंतपुरम में बल्लेबाजी की है, वह सबसे खास बात है। इस मैदान पर उनका स्ट्राइक रेट 143.2 का रहा है। आमतौर पर वनडे क्रिकेट में संभलकर पारी आगे बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन कोहली ने यहां टी20 मुकाबले जैसी बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है।
मैदान पर लगातार बाउंड्री बटोरते हुए उन्होंने फील्डरों पर दबाव बनाए रखा है। अगर वेस्टइंडीज की टीम अपने अभियान को सही दिशा देना चाहती है, तो इस मैदान पर कोहली को शुरुआत में ही आउट करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो तिरुवनंतपुरम में नाबाद रहने का उनका यह शानदार सिलसिला और आगे बढ़ सकता है।
