दिल्ली कैपिटल्स ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को IPL 2027 के लिए अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है। उन्होंने हेमंग बदानी की जगह ली है। दिल्ली को गांगुली से काफी उम्मीदें हैं, जो इससे पहले भी फ्रेंचाइजी के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में जुड़े रह चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स अभी भी अपने पहले IPL खिताब की तलाश में है और फ्रेंचाइजी को उम्मीद होगी कि खिलाड़ी, कप्तान और क्रिकेट प्रशासक के रूप में गांगुली का विशाल अनुभव टीम को अगला कदम उठाने में मदद करेगा।

हालांकि, उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गांगुली इस समय क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उनके दोनों पदों को लेकर हितों के टकराव के सवाल उठाए जा रहे हैं।

सौरव गांगुली के दो पदों पर हितों के टकराव के सवाल

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गांगुली CAB अध्यक्ष रहते हुए किसी IPL फ्रेंचाइजी के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं।

दिल्ली कैपिटल्स में उनकी नियुक्ति के बाद सवाल उठने लगे कि क्या उन्हें CAB अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ेगा या वह दोनों जिम्मेदारियां एक साथ संभाल सकते हैं।

अब मामला केवल मीडिया में उठ रहे सवालों तक सीमित नहीं है। संजीव गुप्ता ने कथित तौर पर गांगुली की नियुक्ति के बाद हितों के टकराव को लेकर औपचारिक शिकायत उठाई है। उन्होंने सवाल किया है कि गांगुली एक ही समय पर CAB अध्यक्ष और IPL फ्रेंचाइजी के हेड कोच कैसे रह सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पत्र की प्रतियां BCCI और सुप्रीम कोर्ट सहित अन्य संबंधित पक्षों को भेजी गई हैं।

जब गांगुली से उनकी दोनों भूमिकाओं के कारण पैदा होने वाले संभावित हितों के टकराव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस चिंता को खारिज करते हुए कहा, “मेरे पास लोकपाल का आदेश है।”

गांगुली के जवाब से संकेत मिलता है कि उनका मानना है कि BCCI लोकपाल का मौजूदा आदेश उन्हें दोनों पदों पर बने रहने की अनुमति देता है।

इसके बावजूद दोनों भूमिकाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि गांगुली एक राज्य क्रिकेट संघ में महत्वपूर्ण पद पर रहने के साथ-साथ एक IPL फ्रेंचाइजी के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

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2019 में भी गांगुली के सामने आया था ऐसा मामला

दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली कैपिटल्स के साथ सौरव गांगुली के जुड़ाव पर हितों के टकराव के सवाल पहली बार नहीं उठे हैं।

2019 में भी ऐसा ही विवाद सामने आया था, जब गांगुली CAB अध्यक्ष होने के साथ-साथ दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।

उस समय BCCI लोकपाल के पास शिकायतें दर्ज की गई थीं और सवाल उठाया गया था कि गांगुली दोनों भूमिकाएं एक साथ कैसे निभा सकते हैं। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया था क्योंकि दिल्ली कैपिटल्स को ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबला खेलना था और यह मैदान बंगाल क्रिकेट प्रशासन के अंतर्गत आता है।

गांगुली ने उस समय भी हितों के टकराव के आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि उनकी दोनों भूमिकाओं के बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हितों का टकराव नहीं था और CAB में उनका पद उन्हें IPL से जुड़े मामलों को प्रभावित करने की अनुमति नहीं देता था।

सात साल बाद गांगुली एक बार फिर CAB अध्यक्ष रहते हुए दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपनी भूमिका को लेकर सवालों का सामना कर रहे हैं। अंतर यह है कि इस बार फ्रेंचाइजी में उनकी जिम्मेदारी और भी बड़ी है — अब वह टीम के हेड कोच हैं।

दिल्ली कैपिटल्स के लिए क्रिकेट के नजरिए से सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि क्या गांगुली IPL 2027 में टीम की किस्मत बदलकर उसे मजबूत दावेदार बना सकते हैं। लेकिन हेड कोच के रूप में उनका पहला सीजन शुरू होने से पहले ही हितों के टकराव के सवाल ने उनकी नियुक्ति को टूर्नामेंट से पहले चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है।

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