चैंपियन टीम, उम्मीदों से भरा ऑक्शन और एक साफ लक्ष्य—दोबारा चैंपियन बनना। RCB ने जब कई खिलाड़ियों को रिलीज किया तो प्रशंसक सोच में पड़ गए कि आखिर उनकी योजना क्या है। WPL खिताब का बचाव करने वाली टीम के हर फैसले को उसकी अपनी बनाई कसौटी पर परखा जाना था।

RCB दो बार यह टूर्नामेंट जीत चुकी है। पिछले कुछ समय में उसकी पुरुष और महिला, दोनों टीमों की रणनीति में खिलाड़ियों की भूमिका और टीम की जरूरतों पर ज्यादा ध्यान दिखाई दिया है। इस बार सवाल था कि क्या ऑक्शन के फैसले पहले से मजबूत टीम की कमियों को दूर कर पाएँगे।

उनकी खरीदारी को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि उन्हें चाहिए क्या था।

RCB ऑक्शन विश्लेषण: दो कमियाँ दूर करनी थीं

RCB ने चार मुख्य विदेशी खिलाड़ियों—एलिस पेरी, जॉर्जिया वोल, नादिन डी क्लर्क और लॉरेन बेल—को रिटेन किया था। बाकी विदेशी खिलाड़ियों को रिलीज करने के बाद उन्हें भरोसेमंद बैकअप चाहिए था।

इन चारों में से किसी को चोट लग सकती है या किसी की फॉर्म खराब हो सकती है। इसलिए RCB को ऐसे विकल्प चाहिए थे जो प्लेइंग XI में आकर मैच जिता सकें। अलग-अलग पिचों पर विदेशी खिलाड़ियों का संयोजन बदलने की जरूरत भी पड़ सकती है।

दूसरी जरूरत ऐसी भारतीय मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की थी जो शुरुआती विकेट गिरने के बाद पारी संभाल सके।

टॉप तीन मजबूत दिख रहे थे। नीचे ऋचा घोष, डी क्लर्क, राधा यादव और फिट होने पर पूजा वस्त्राकर बल्लेबाजी में गहराई और बड़े शॉट खेलने के विकल्प देती हैं। कमी ऐसी तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज की थी जो टॉप ऑर्डर के न चलने पर पारी को सँभाल सके।

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RCB ने किन खिलाड़ियों को खरीदा?

RCB ने विदेशी विकल्पों के तौर पर जेस जोनासेन और क्लो ट्रायोन को जोड़ा। वहीं तेजल हसबनीस और वृंदा दिनेश से भारतीय बल्लेबाजी के विकल्प बढ़ाए।

इन चारों की खरीदारी को इस आधार पर परखना चाहिए कि वे टीम की इन दो जरूरतों को कितना पूरा करती हैं।

जेस जोनासेन और क्लो ट्रायोन: मजबूत विदेशी बैकअप

जोनासेन इतनी अच्छी खिलाड़ी हैं कि लगभग किसी भी टीम की प्लेइंग XI में जगह की मजबूत दावेदार हो सकती हैं। ऐसी खिलाड़ी का बैकअप में उपलब्ध होना RCB की ताकत बढ़ाता है।

उनकी बाएँ हाथ की स्पिन और बल्लेबाजी उन्हें परिस्थितियों के अनुसार सीधे प्लेइंग XI में लाने का विकल्प भी बनाती हैं। टर्न लेने वाली पिच पर RCB बेल की जगह जोनासेन को खिलाने पर विचार कर सकती है। इससे स्पिन आक्रमण मजबूत होगा और बल्लेबाजी में भी गहराई बढ़ेगी।

वनडे में दुनिया की नंबर 1 गेंदबाज रह चुकीं जोनासेन अनुभव के साथ एक से ज्यादा विभागों में योगदान देने की क्षमता रखती हैं। उनकी भूमिका सिर्फ किसी चोटिल खिलाड़ी की जगह लेने तक सीमित नहीं है।

ट्रायोन RCB को एक और मैच जिताने वाला विकल्प देती हैं। कोई विदेशी खिलाड़ी उपलब्ध न हो या बल्लेबाजी का संयोजन बदलना हो तो टीम के पास एक और अनुभवी खिलाड़ी होगी।

इन दोनों से मैनेजमेंट को मजबूत विदेशी बैकअप और परिस्थितियों के अनुसार टीम चुनने की ज्यादा आजादी मिलती है।

तेजल हसबनीस: खास परिस्थिति के लिए बल्लेबाज

भारतीय मिडिल ऑर्डर की जरूरत पूरी करना RCB के लिए ज्यादा मुश्किल था। उपलब्ध विकल्प सीमित थे, खासकर ऐसी बल्लेबाज के लिए जिसे पारी सँभालने की जिम्मेदारी देनी हो।

किरण नवगिरे एक विकल्प थीं, लेकिन यहाँ जिस भूमिका की जरूरत थी, उसके लिए उनका आक्रामक अंदाज कम उपयुक्त था। उस खास काम के लिए हसबनीस बेहतर विकल्प थीं।

उनकी तकनीक और लंबे व्हाइट बॉल प्रारूप में बल्लेबाजी की क्षमता उन्हें एक समझदारी भरी पसंद बनाती है। ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ हाल के T20 मुकाबलों में भी उन्होंने उपयोगी योगदान दिए हैं। इससे दिखता है कि जरूरत पड़ने पर वह आक्रमण भी कर सकती हैं।

RCB उनका इस्तेमाल मैच की स्थिति के अनुसार कर सकती है। शुरुआती विकेट गिरें तो वह पारी सँभालने आ सकती हैं। टॉप ऑर्डर अच्छी शुरुआत दे तो रन गति बनाए रखने के लिए घोष और डी क्लर्क उनसे पहले आ सकती हैं।

इसलिए हसबनीस को हर परिस्थिति में एक ही नंबर पर खिलाना जरूरी नहीं है। उनकी सबसे बड़ी उपयोगिता जरूरत पड़ने पर पारी को दोबारा खड़ा करने का विकल्प देना है।

दूसरी टीमों में उनसे मजबूत भारतीय मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हो सकती हैं, लेकिन ऑक्शन में चुनाव उपलब्ध खिलाड़ियों में से ही होता है। उस सीमा के अंदर वह टीम की जरूरत पूरी करती हैं।

दिनेश बल्लेबाजी में अतिरिक्त बैकअप देती हैं। उन्हें ओपनिंग के लिए आजमाया जा सकता है या मिडिल ऑर्डर में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे संयोजन बदलते समय RCB के पास एक और विकल्प रहेगा।

RCB की संभावित प्लेइंग XI

क्रम खिलाड़ी
1 स्मृति मंधाना
2 जॉर्जिया वोल
3 एलिस पेरी
4 तेजल हसबनीस
5 ऋचा घोष
6 नादिन डी क्लर्क
7 पूजा वस्त्राकर, फिटनेस के आधार पर
8 राधा यादव
9 अरुंधति रेड्डी
10 श्रेयंका पाटिल
11 लॉरेन बेल

अगर स्थिति घोष या डी क्लर्क को पहले भेजकर आक्रमण करने की माँग करे तो हसबनीस नीचे जा सकती हैं।

परिस्थितियों के अनुसार जोनासेन प्लेइंग XI में आ सकती हैं। स्पिन की मददगार पिचों पर प्रेमा रावत एक और विकल्प हैं। वहीं गेंद को सीम मूवमेंट मिलने की संभावना हो तो सयाली सतघरे पर विचार किया जा सकता है। दिनेश बल्लेबाजी का अतिरिक्त बैकअप देती हैं।

क्या इस प्लेइंग XI में चैंपियन बनने की क्षमता है?

मंधाना, वोल और पेरी की टॉप तीन बेहद मजबूत है। नीचे घोष और डी क्लर्क आक्रामक बल्लेबाजी की ताकत देती हैं। वस्त्राकर की फिटनेस से बल्लेबाजी और गेंदबाजी में एक और उपयोगी विकल्प जुड़ सकता है।

श्रेयंका पाटिल और राधा यादव मुख्य स्पिन जोड़ी हैं। वोल जरूरत पड़ने पर कुछ सहयोग दे सकती हैं। जोनासेन और रावत की मौजूदगी से RCB इस विभाग को और मजबूत कर सकती है।

तेज गेंदबाजी के विकल्पों में बेल, अरुंधति रेड्डी, डी क्लर्क और पेरी शामिल हैं। फिट वस्त्राकर कप्तान को एक और विकल्प देंगी।

इन विकल्पों से RCB अलग-अलग पिचों के अनुसार ढल सकती है। टीम के पास मजबूत टॉप ऑर्डर, नीचे बड़े शॉट खेलने वाली बल्लेबाज और गेंदबाजी के कई विकल्प हैं। खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार खेलें और फिटनेस की चिंताएँ दूर हों तो यह टीम एक और WPL खिताब के लिए मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।

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ऑक्शन के बाद RCB का अपडेटेड स्क्वॉड

क्रम खिलाड़ी
1 स्मृति मंधाना
2 एलिस पेरी
3 ऋचा घोष
4 श्रेयंका पाटिल
5 लॉरेन बेल
6 राधा यादव
7 अरुंधति रेड्डी
8 पूजा वस्त्राकर
9 प्रेमा रावत
10 जॉर्जिया वोल
11 नादिन डी क्लर्क
12 सयाली सतघरे
13 प्रत्युषा कुमार
14 जेस जोनासेन
15 क्लो ट्रायोन
16 तेजल हसबनीस
17 वृंदा दिनेश

ऑक्शन पर अंतिम राय

RCB का विदेशी बैकअप पूरे अंक पाने लायक है। भारतीय बल्लेबाजी में जोड़ी गई खिलाड़ियों की भूमिकाएँ भी साफ हैं, खासकर शुरुआती विकेट गिरने पर पारी सँभालने की जरूरत के लिए।

बस थोड़ी गुंजाइश इस बात की है कि मिडिल ऑर्डर में एक और मजबूत भारतीय बल्लेबाज हो सकती थी। हालाँकि, उपलब्ध विकल्पों की कमी को भी ध्यान में रखना होगा। RCB ने अपनी जरूरत के अनुसार खिलाड़ी चुनीं और पहले से सफल टीम के लिए संयोजन बदलने के विकल्प बढ़ाए।

अंतिम ऑक्शन रेटिंग: 9.5/10।