भारत ने एशियन गेम्स में अपना गोल्ड मेडल जरूर बचा लिया, लेकिन रवि बिश्नोई का प्रदर्शन गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 T20I गेंदबाज जापान, श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीन बेहद स्पिन-फ्रेंडली मुकाबलों में एक भी विकेट नहीं ले सके, जिसके बाद टीम इंडिया में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब भारत के पूर्व कप्तान और चीफ सिलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में उनके महंगे स्पेल के बाद लेग स्पिनर पर तीखा हमला बोला है।
“सिर्फ शरीर घूमता है, गेंद कभी नहीं”: बिश्नोई पर श्रीकांत का तंज
अपने यूट्यूब चैनल Cheeky Cheeka पर बात करते हुए श्रीकांत ने सवाल उठाया कि इतनी स्पिन-फ्रेंडली पिच पर एक लेग स्पिनर गेंद को टर्न कराने में कैसे नाकाम हो सकता है।
उन्होंने बिश्नोई के बॉलिंग एक्शन पर तंज कसते हुए कहा कि उनका शरीर तो खूब घूमता है, लेकिन गेंद एक इंच भी टर्न नहीं होती। श्रीकांत ने सवाल किया कि रैंक टर्नर पर एक लेग स्पिनर के साथ ऐसा कैसे हो सकता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद ऐसी पिच पर भी गेंद को टर्न न कराना बिश्नोई की कोई खास कला है।
उनकी आलोचना सिर्फ एक महंगे स्पेल तक सीमित नहीं थी। श्रीकांत ने बिश्नोई को लेकर बनने वाले हाइप पर भी सवाल उठाया।
पूर्व भारतीय कप्तान के मुताबिक, कई साधारण प्रदर्शन के बाद एक अच्छी पारी या मैच आते ही किसी खिलाड़ी को दोबारा “फॉर्म में” घोषित कर दिया जाता है। लेकिन श्रीकांत का मानना है कि एक लेग स्पिनर की पहली जरूरत गेंद को टर्न कराना होनी चाहिए।
“पाकिस्तान के स्पिनर भी गेंद टर्न करा रहे थे”
श्रीकांत ने उसी पिच पर दूसरे गेंदबाजों को मिल रही मदद की ओर भी इशारा किया।
उनका कहना था कि पाकिस्तान के स्पिनर गेंद को टर्न करा रहे थे, जबकि भारत के पार्ट-टाइम स्पिनर अभिषेक शर्मा भी पिच से स्पिन हासिल कर रहे थे। ऐसे में बिश्नोई को टर्न न मिलना उनके लिए और भी हैरान करने वाला था।
श्रीकांत के लिए यही सबसे बड़ी चिंता थी। बिश्नोई एक स्पेशलिस्ट लेग स्पिनर हैं, लेकिन वह उन परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सके जो सामान्य तौर पर उनके पक्ष में होनी चाहिए थीं।
बिश्नोई के 0/44 ने पाकिस्तान को लगभग मैच में वापस ला दिया
भारत ने 211/6 का स्कोर बनाने के बाद पाकिस्तान को लक्ष्य का पीछा करते हुए 39/3 पर रोककर खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। लेकिन पाकिस्तान आखिरकार 192/6 तक पहुंच गया और सिर्फ 19 रन से पीछे रह गया।
भारतीय गेंदबाजों में बिश्नोई का स्पेल सबसे महंगा रहा। उन्होंने तीन ओवर में बिना कोई विकेट लिए 44 रन दिए और उनका इकॉनमी रेट 14.66 रहा।
श्रीकांत का मानना था कि बिश्नोई के ओवरों ने पाकिस्तान को यह भरोसा दिलाया कि वह अभी भी लक्ष्य का पीछा कर सकता है। उनके मुताबिक, जब भी लेग स्पिनर गेंदबाजी के लिए आते थे, पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगता था कि उनके पास तेजी से रन बनाकर मुकाबले में वापस आने का मौका है।
उन्होंने इस बात पर खास हैरानी जताई कि टर्निंग पिच पर एक स्पेशलिस्ट स्पिनर लगभग 15 रन प्रति ओवर कैसे दे सकता है।
श्रीकांत ने टीम इंडिया में बिश्नोई की जगह पर उठाए सवाल
श्रीकांत सिर्फ बिश्नोई के प्रदर्शन की आलोचना तक नहीं रुके। उन्होंने यहां तक सवाल उठा दिया कि क्या इस लेग स्पिनर को भारतीय टीम में लगातार जगह मिलनी चाहिए।
पूर्व चीफ सिलेक्टर का मानना था कि अगर दूसरे काबिल गेंदबाज और स्पिनर मौके का इंतजार कर रहे हैं तो बिश्नोई को उनके लिए जगह खाली करनी चाहिए।
बिश्नोई के इंटरनेशनल क्रिकेट में पुराने कद को देखते हुए यह काफी कड़ी आलोचना है। दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों में नौ विकेट लेने के बाद वह ICC पुरुष T20I गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचे थे।
हालांकि, एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन उस स्तर से काफी दूर रहा।
भारत ने आखिरकार पाकिस्तान के दबाव से निकलते हुए फाइनल 19 रन से जीतकर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल बरकरार रखा। लेकिन बिश्नोई के महंगे स्पेल ने यह सुनिश्चित कर दिया कि भारत की जीत के बावजूद उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन चर्चा का बड़ा विषय बना रहे।
जो गेंदबाज कभी दुनिया का नंबर-1 T20I गेंदबाज रह चुका हो, उसके लिए श्रीकांत की आलोचना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—अगर एक स्पेशलिस्ट लेग स्पिनर स्पिन के लिए बेहद मददगार परिस्थितियों में भी असर नहीं डाल पा रहा है, तो टीम इंडिया में उसकी जगह कितनी सुरक्षित होनी चाहिए?
