झारखंड के एक उभरते हुए क्रिकेटर को इंडिया ए टीम में ऋषभ पंत की जगह चुना गया है। चोट के कारण पंत न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। ऐसे में झारखंड के इस युवा खिलाड़ी को बड़ा मौका मिला है और अब उम्मीद बढ़ गई है कि वह जल्द ही सीनियर भारतीय टीम में भी जगह बना सकता है।
यह खिलाड़ी हैं कुमार कुशाग्र, जो पिछले कुछ सीजन से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। तीनों फॉर्मेट में रन बनाने के साथ-साथ दबाव वाले मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी ने भी काफी प्रभावित किया है।
इंडिया ए में उनका चयन इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्हें एक स्थापित अंतरराष्ट्रीय विकेटकीपर-बल्लेबाज की जगह मौका मिला है। हालांकि इससे सीनियर टीम में चयन की गारंटी नहीं मिलती, लेकिन कुशाग्र के पास अपनी दावेदारी मजबूत करने का शानदार अवसर है।
घरेलू क्रिकेट में कुमार कुशाग्र के शानदार आंकड़े
झारखंड के इस युवा बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कुशाग्र, ईशान किशन के बाद झारखंड के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 60.28 की औसत और 162 के स्ट्राइक रेट से 422 रन बनाए। ये आंकड़े बताते हैं कि वह T20 क्रिकेट में कितनी तेजी से रन बना सकते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। इस टूर्नामेंट में भी वह झारखंड के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 73.6 की औसत और 102.5 के स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए।
पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में भी कुशाग्र ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने 47.6 की औसत से 572 रन बनाए।
कुशाग्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह फॉर्मेट के अनुसार अपनी बल्लेबाजी बदल सकते हैं। T20 में बेहद आक्रामक अंदाज अपनाते हैं, वनडे में तेजी से रन बनाते हैं और रेड बॉल क्रिकेट में जरूरत पड़ने पर धैर्य के साथ लंबी पारी भी खेल सकते हैं।
दिलीप ट्रॉफी फाइनल और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दिखाया दम
कुशाग्र ने सिर्फ घरेलू टूर्नामेंट के सामान्य मुकाबलों में ही रन नहीं बनाए, बल्कि बड़े मैचों में भी अपनी काबिलियत साबित की है।
दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में जब टीम के कई अनुभवी बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, तब कुशाग्र ने पहली पारी में शानदार शतक लगाया। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने 46 रनों की अहम पारी खेली।
ईशान किशन के साथ मिलकर उन्होंने अपनी टीम को खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भी कुशाग्र ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 240 गेंदों पर 113 रन बनाकर इंडिया ए को संकट से उबारा।
इन पारियों से उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि दबाव में भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी कर सकते हैं।
क्या कुमार कुशाग्र बन सकते हैं टीम इंडिया के अगले विकेटकीपर-बल्लेबाज?
ईरानी कप के दौरान ऋषभ पंत को बाईं तरफ खिंचाव की समस्या हुई थी। इसी कारण वह न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। तीसरे मैच में उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
कुशाग्र इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भी इंडिया ए की योजनाओं का हिस्सा रह चुके हैं।
भारतीय टीम के पास पहले से कई प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज मौजूद हैं। हालांकि तीनों फॉर्मेट में कुशाग्र की बल्लेबाजी उन्हें भविष्य में चयन के लिए मजबूत दावेदार बना सकती है।
एमएस धोनी और ईशान किशन के बाद झारखंड से एक और सितारा?
झारखंड ने भारतीय क्रिकेट को कई शानदार खिलाड़ी दिए हैं।
एमएस धोनी क्रिकेट इतिहास के महानतम कप्तानों में शामिल हुए। वहीं ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाई है। सौरभ तिवारी भी भारत के लिए खेले, हालांकि वह धोनी जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान नहीं बना सके।
अब कुमार कुशाग्र भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
घरेलू क्रिकेट में लगातार रन, बड़े फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन और इंडिया ए के साथ बढ़ता अनुभव इस बात का संकेत है कि कुशाग्र में झारखंड से निकलकर भारत के लिए खेलने वाला अगला खिलाड़ी बनने की क्षमता है।
न्यूजीलैंड ए के खिलाफ आगामी मुकाबले उनके लिए चयनकर्ताओं को प्रभावित करने और सीनियर भारतीय टीम के करीब पहुंचने का एक और मौका होंगे।
