भारतीय टीम ने गुवाहाटी में ODI इतिहास के सबसे शानदार रन चेज में से एक को अंजाम दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे ODI में भारत ने 406 रन का विशाल लक्ष्य चेज करते हुए 8 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405/7 का स्कोर बनाया था। जॉन कैंपबेल, शाई होप और आमिर जंगू ने शतक लगाए। पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी, लेकिन ODI क्रिकेट में 400 से ज्यादा का लक्ष्य चेज करना फिर भी बेहद मुश्किल काम है। इस मुकाबले से पहले ODI इतिहास में केवल एक बार 400 से ज्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज हुआ था।
लेकिन भारत ने 406 के लक्ष्य को भी आसान बना दिया।
शुभमन गिल के रिकॉर्डतोड़ दोहरे शतक और रोहित शर्मा के शानदार शतक की बदौलत भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में 406/2 बनाकर मुकाबला जीत लिया। यानी लक्ष्य हासिल करने के बाद भी 39 गेंदें बाकी थीं।
यह अब भारत का ODI इतिहास में सबसे बड़ा सफल रन चेज है। वहीं ODI क्रिकेट के इतिहास में यह दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन गया है।
शुभमन गिल ने 223* रन बनाकर रचा इतिहास
कप्तान शुभमन गिल ने इतने बड़े लक्ष्य के सामने एक ऐतिहासिक पारी खेली।
गिल 223 रन बनाकर नाबाद रहे, जो उनके ODI करियर का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे भी खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और ईशान किशन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ODI इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक लगा दिया।
223* रन की पारी के साथ गिल रोहित शर्मा के बाद एक से ज्यादा ODI दोहरे शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज भी बन गए।
गिल ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी 223* रन की पारी अब ODI क्रिकेट में किसी कप्तान द्वारा खेली गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में शतक लगाने के बाद गिल ने दूसरे मुकाबले में सीधे दोहरा शतक जड़ दिया। इतनी कम उम्र में उनके नाम अब दो ODI दोहरे शतक हो चुके हैं।
रोहित शर्मा ने छक्कों का एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया
दूसरे छोर से रोहित शर्मा ने एक बार फिर दिखाया कि ODI क्रिकेट में वह कितने खतरनाक ओपनर हैं।
रोहित ने सिर्फ 75 गेंदों पर 101 रन बनाए और 72 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसी पारी के दौरान उन्होंने ODI क्रिकेट में अपने 12,000 रन भी पूरे किए।
रोहित ने अपनी 282वीं ODI पारी में 12,000 रन का आंकड़ा छुआ। वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बने।
यह रोहित के ODI करियर का 35वां शतक भी था।
गुवाहाटी में रोहित ने छक्कों का एक और शानदार रिकॉर्ड बनाया। वह ODI इतिहास में किसी एक देश में 200 छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। रोहित ने भारत की धरती पर अपने 200 ODI छक्के पूरे किए।
रोहित और गिल ने पहले विकेट के लिए 255 रन की विशाल साझेदारी की। यह ODI क्रिकेट में भारत की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी बन गई। इससे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की 2001 में केन्या के खिलाफ 258 रन की साझेदारी है।
रोहित के आउट होने तक वेस्टइंडीज पर पूरी तरह दबाव बन चुका था।
विराट कोहली भी बेहद आक्रामक अंदाज में उतरे
विराट कोहली ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके, लेकिन उनका इरादा बिल्कुल साफ था।
भारत पहले ही जरूरी रन रेट को पूरी तरह नियंत्रण में ला चुका था। इसके बावजूद कोहली ने रुककर खेलने के बजाय आक्रमण जारी रखा। उन्होंने एक शानदार रैम्प शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बेहतरीन फील्डिंग के कारण कैच आउट हो गए।
इसके बाद भी मैच पूरी तरह भारत के नियंत्रण में था।
गिल अंत तक नाबाद रहे और रुतुराज गायकवाड़ ने उनके साथ मिलकर भारत को ODI इतिहास की सबसे यादगार जीतों में से एक तक पहुंचा दिया।
क्या भारत 500 रन भी चेज कर सकता था?
भारत की इस जीत की सबसे हैरान करने वाली बात सिर्फ 406 रन चेज करना नहीं थी, बल्कि यह थी कि टीम ने यह लक्ष्य कितनी जल्दी हासिल किया।
भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में मुकाबला खत्म कर दिया, यानी अभी 39 गेंदें बाकी थीं।
भारत जिस रन रेट से बल्लेबाजी कर रहा था, अगर उसी रफ्तार को आगे बढ़ाया जाए तो बाकी 39 गेंदों में स्कोर सैद्धांतिक रूप से 500 रन के करीब पहुंच सकता था। हालांकि 500 रन का वास्तविक लक्ष्य होता तो मैच की परिस्थिति और दबाव अलग होता, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि भारत निश्चित रूप से उसे चेज कर ही लेता।
लेकिन इस पिच पर भारत की बल्लेबाजी का दबदबा और गिल का अंत तक नाबाद रहना यह जरूर दिखाता है कि उस दिन 500 के आसपास का लक्ष्य भी उतना असंभव नहीं लग रहा था, जितना आमतौर पर लगता है।
यही भारत की इस बल्लेबाजी की सबसे बड़ी कहानी थी।
ODI इतिहास के Top 5 सबसे बड़े सफल रन चेज
| रैंक | टीम | स्कोर | खिलाफ | वेन्यू | साल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | साउथ अफ्रीका | 438/9 | ऑस्ट्रेलिया | जोहान्सबर्ग | 2006 |
| 2 | भारत | 406/2 | वेस्टइंडीज | गुवाहाटी | 2026 |
| 3 | साउथ अफ्रीका | 372/6 | ऑस्ट्रेलिया | डरबन | 2016 |
| 4 | इंग्लैंड | 364/4 | वेस्टइंडीज | ब्रिजटाउन | 2019 |
| 5 | भारत | 362/1 | ऑस्ट्रेलिया | जयपुर | 2013 |
लगभग दो दशकों तक साउथ अफ्रीका का 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438/9 का ऐतिहासिक रन चेज ODI क्रिकेट का इकलौता सफल 400+ रन चेज था।
अब भारत भी इस खास क्लब में शामिल हो गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले भारत का सबसे बड़ा सफल ODI रन चेज 2013 में जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 362/1 था। भारत ने वह लक्ष्य भी ठीक 43.3 ओवर में हासिल किया था। उस मैच में रोहित शर्मा ने नाबाद 141 रन बनाए थे, जबकि विराट कोहली ने सिर्फ 52 गेंदों में शतक जड़ा था।
13 साल बाद एक बार फिर रोहित भारत के सबसे बड़े ODI रन चेज का अहम हिस्सा बने।
वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का बड़ा संदेश
वर्ल्ड कप को देखते हुए यह जीत भारतीय टीम के लिए और भी महत्वपूर्ण है।
गिल जबरदस्त फॉर्म में हैं, 39 साल की उम्र में भी रोहित बड़ी ODI पारियां खेल रहे हैं और कोहली भी लगातार रन बना रहे हैं। गिल ने पहले ODI के शतक के बाद दूसरे मैच में दोहरा शतक जड़ दिया, जबकि रोहित के शतक ने एक बार फिर टॉप ऑर्डर में उनकी अहमियत दिखाई।
अलग परिस्थितियों में भारत की बल्लेबाजी के सामने इससे मुश्किल चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन सिर्फ 43.3 ओवर में 406 रन चेज करना यह दिखाने के लिए काफी है कि अच्छी बल्लेबाजी वाली पिच पर यह भारतीय बैटिंग लाइनअप कितना खतरनाक हो सकता है।
जो लक्ष्य शुरुआत में लगभग असंभव लग रहा था, भारत ने उसी लक्ष्य को 8 विकेट से जीत में बदल दिया।
और गुवाहाटी से एक संदेश बिल्कुल साफ था—बैटिंग पिच पर इस भारतीय बल्लेबाजी के सामने सिर्फ बहुत बड़ा स्कोर बना देना भी जीत की गारंटी नहीं है।
