एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए स्वर्ण पदक की राह अब सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। शुरुआती ग्रुप मैचों के समाप्त होने के बाद भारत के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की तारीख, समय और प्रतिद्वंद्वी पूरी तरह तय हो चुके हैं। हालांकि फैंस को उम्मीद थी कि टीम इंडिया आसानी से गोल्ड मेडल की ओर कदम बढ़ाएगी, लेकिन आगामी नॉकआउट मुकाबला उम्मीद से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

एशियन गेम्स क्वार्टर फाइनल का शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग

भारतीय टीम अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए रविवार, 28 सितंबर को मैदान पर उतरेगी। यह मुकाबला सुबह 10:00 बजे शुरू होगा। फैंस इस अहम नॉकआउट मुकाबले का लाइव एक्शन सोनी लिव (Sony Liv) पर देख सकते हैं, जहां इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।

इस 'करो या मरो' वाले मुकाबले में भारत की भिड़ंत अफगानिस्तान से होगी। ग्रुप ए के बेहद नाटकीय नतीजों के बाद यह मुकाबला तय हुआ। नेपाल ने अफगानिस्तान को 5 विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया था और इसके बाद जापान के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच ने ग्रुप तालिका की स्थिति साफ कर दी। नेपाल ग्रुप विजेता बनकर आगे बढ़ा, जबकि अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर रहा और इसी वजह से टॉप सीड भारतीय टीम के खिलाफ उसका यह बड़ा मुकाबला तय हुआ।

यह भी पढ़ें →हार्दिक पांड्या को लगा एक और बड़ा झटका, आखिर हो क्या रहा है?हार्दिक पांड्या की चोट फिर उभरने से उनकी मैदान पर वापसी टल गई है। वह अब ऑस्ट्रेलिया ए और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से बाहर हो सकते हैं।

धीमी पिच बन सकती है टीम इंडिया के लिए बड़ा खतरा

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कई लोगों का मानना था कि भारतीय टीम अपने कौशल के दम पर आसानी से दबदबा बना लेगी। हालांकि, यहां की पिच की परिस्थितियों ने मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है। भारतीय बल्लेबाज आमतौर पर उन सपाट पिचों पर ज्यादा सफल रहते हैं, जहां गेंद बल्ले पर अच्छी गति और उछाल के साथ आती है। लेकिन जब पिच धीमी हो जाती है और स्पिनर्स को ग्रिप मिलने लगती है, तो यह स्वाभाविक फायदा तेजी से खत्म होने लगता है।

जापान के खिलाफ पिछले मुकाबले में भारत को इसकी सीधी चेतावनी भी मिल चुकी है। उस मैच में धीमी पिच पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम टाइमिंग और लय हासिल करने के लिए जूझता नजर आया और टीम इंडिया किसी तरह केवल 2 रन से करीबी जीत दर्ज कर बड़े उलटफेर से बच पाई। उस मुकाबले ने साबित किया कि मुश्किल पिचों पर कमजोर मानी जाने वाली टीमें भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को कड़ी चुनौती दे सकती हैं। अगर क्वार्टर फाइनल में भी पिच का मिजाज धीमा रहा, तो भारत के सामने बड़ी रणनीतिक चुनौती होगी।

अफगानिस्तान का स्पिन जाल और नॉकआउट का दबाव

भारत के सामने खड़ी अफगानिस्तान की टीम धीमी पिचों के लिहाज से ही तैयार मानी जाती है। अफगानिस्तान ने कम स्कोर वाले और स्पिन के अनुकूल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। नेपाल के खिलाफ उनका पिछला बल्लेबाजी प्रदर्शन काफी खराब रहा था, जहां पूरी टीम महज 102 रनों पर सिमट गई थी। इसके बावजूद नॉकआउट क्रिकेट में उन्हें कम आंकना बड़ी भूल साबित हो सकती है।

अफगानिस्तान के पास एक बेहद खतरनाक स्पिन आक्रमण है, जो मैच का पासा पलटने का पूरा माद्दा रखता है। बाएं हाथ के स्पिनर नांगियालिया खरोटे (Nangeyalia Kharote) और धीमे गेंदबाज अरब गुल मोमंद (Arab Gul Momand) टर्निंग विकेट पर विरोधी बल्लेबाजों को काफी परेशान करते हैं। खरोटे ने लगातार विकेट निकालने के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी दिखाई है। वहीं गुल ने इससे पहले जापान के खिलाफ 8 रन देकर 4 विकेट चटकाते हुए मैच जिताऊ स्पैल डाला था। अगर क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के स्पिनरों को पिच से मदद मिली, तो भारत के आक्रामक बल्लेबाजों को संयम दिखाना होगा और अपने शॉट चयन पर खास ध्यान देना होगा।

एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में जगह दांव पर होने के कारण भारत को किसी भी तरह की ढिलाई से बचना होगा। 28 सितंबर को होने वाला यह क्वार्टर फाइनल धीमी पिच पर स्पिन के खिलाफ टीम इंडिया के धैर्य और तकनीक की कड़ी परीक्षा लेगा।